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संसद में केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने देश में लंबित मामलों के आंकड़े पेश किए. आकड़ो के अनुसार 16 सितंबर 2020 तक देशभर के उच्च न्यायालयों में 51 लाख मामले लंबित थे.

उन्होंने जिला और अधीनस्थ न्यायालयों में लंबित मामलों की भी जानकारी दी. 16 सितंबर तक 3.45 करोड़ मामले विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की जिला और अधीनस्थ अदालतों में लंबित थे.

देशभर के उच्च न्यायालयों में 51,52,921 मामले लंबित हैं, जिनमें 36,77,089 (71 फीसदी) सिविल और 14,75,832 (29 फीसदी) क्रिमिनल मामले हैं. सबसे अधिक मामले इलाहाबाद हाईकोर्ट में (7,46,677 या 14%) लंबित हैं. इनमें 3,99,710 सिविल मामले हैं और 3,46,967 क्रिमिनल मामले हैं.

यूपी के जिला और अधीनस्थ अदालतों में कुल 3,44,73,068 मामले लंबित हैं, जिनमें से 94,49,268 (27%) सिविल मामले और 2,50,23,800 (73%) क्रिमिनल मामले हैं. राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में सबसे अधिक मामले उत्तर प्रदेश (81,86,410 या 24%) में लंबित हैं.

उत्तराखंड में 37,856 सिविल मामले और 2,02,773 क्रिमिनल मामले लंबित हैं.

 

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