नई दिल्ली: मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर शनिवार को जंतर-मंतर पर होने वाले ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) के विरोध प्रदर्शन से पहले केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर पूरा तालमेल बिठाएं और राजधानी की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को रास्ते में ही रोकने के लिए तुरंत एहतियाती कदम उठाएं।
बिना अनुमति के दिल्ली में घुसने की कोशिश
गृह मंत्रालय की ओर से देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस महानिदेशकों (DGP) को एक पत्र भेजा गया है। इसमें कहा गया है कि सीजेपी के समर्थक देश के विभिन्न हिस्सों से बिना अनुमति के दिल्ली में घुसने की फिराक में हैं। मंत्रालय ने इस बात पर जोर दिया है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो इससे राष्ट्रीय राजधानी में सार्वजनिक शांति और कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है।
खुफिया एजेंसियों के बीच रियल-टाइम तालमेल
कानून-व्यवस्था को नियंत्रण में रखने के लिए गृह मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की खुफिया एजेंसियों, सीमा व पारगमन अधिकारियों और दिल्ली पुलिस के बीच लगातार और रियल-टाइम खुफिया जानकारी साझा करने की अपील की है।
केंद्रीय गृह सचिव ने अपने पत्र में 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर होने वाले इस प्रस्तावित जमावड़े को गंभीर मामला बताया है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि सीजेपी की इस विरोध-प्रदर्शन की अपील को पहले ही खारिज किया जा चुका है और प्रशासन ने इस सभा पर पूरी तरह रोक लगा दी है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला
गृह सचिव ने सुप्रीम कोर्ट के 2018 के आदेश का जिक्र करते हुए कहा कि तय इलाकों में सभाओं के लिए बने नियमों का सख्ती से पालन होना चाहिए। मंत्रालय ने दो टूक शब्दों में कहा, “मंत्रालय कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने को एक जरूरी संवैधानिक दायित्व मानता है। कानून के शासन को बनाए रखने के लिए इनका सख्ती और बिना किसी समझौते के पालन किया जाना जरूरी है।”
पहले के हंगामे को लेकर चेतावनी
मंत्रालय ने आरोप लगाया है कि सीजेपी और उसके सहयोगी संगठनों का पहले भी कानूनी निर्देशों का पालन न करने का इतिहास रहा है। पिछले आयोजनों के दौरान जब अलग-अलग राज्यों से समर्थक दिल्ली पहुंचे थे, तब सार्वजनिक जीवन में भारी खलल पड़ा था और सरकारी व निजी संपत्ति को काफी नुकसान पहुंचाया गया था। खुफिया इनपुट से यह भी पता चला है कि प्रतिबंध के बावजूद ये संगठन गैर-कानूनी तरीके से दिल्ली में घुसने की कोशिश कर सकते हैं।
यही वजह है कि केंद्र ने सभी राज्यों को अलर्ट करते हुए कहा है कि वे सार्वजनिक शांति भंग होने से रोकने और अहम बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के लिए दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर कड़े ऑपरेशनल कदम उठाएं।
